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भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो प्रदूषण को खत्म करना होगा : डॉ. एम.पी. सिंह














Faridabad  News, 20 Feb 2019 : परिवहन आयुक्त चंडीगढ़ के आदेशानुसार फरीदाबाद के उपायुक्त के दिशा निर्देशानुसार क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण फरीदाबाद के सचिव के नेतृत्व में सडक़ सुरक्षा के नोडल अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआईटी दो  मैं व्हीकल पोलूशन पर निबंध तथा कला प्रतियोगिता और कार्यशाला का आयोजन कराया गया इस अवसर पर डॉ. एम.पी. सिंह ने कहा कि प्रदूषण को केवल इलेक्ट्रिक वाहनों से ही कम किया जा सकता है प्रदूषण को लेकर अधिक चिंता  बढ़ती जा रही हैं लेकिन एम.पी. सिंह का मानना है कि प्रदूषण कम करने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है यदि खुद को और आने वाले भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो प्रदूषण को खत्म करना होगा तथा दीर्घकालिक उपाय और योजनाओं को मजबूती से पालन कराना होगा डॉक्टर एमपी सिंह ने कहा कि सीएनजी वाहनों से भी प्रदूषण को कम किया जा सकता है अधिकतर भारतीय देश प्रेमियों को निजी वाहनों का प्रयोग न करके सार्वजनिक वाहनों का अधिक प्रयोग करना चाहिए या अतिरिक्त टैक्स लगाकर अतिरिक्त गाडिय़ों को रोक देना चाहिए प्रदूषण कम करने के लिए ईंधन का इस्तेमाल कम से कम किया जाना चाहिए तथा समयानुसार प्रदूषण जांच कराते रहना चाहिए डॉ एमपी सिंह ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एक व्यक्ति एक दिन में लगभग 20000 बार सांस लेता है जिसमें लगभग 35 पाउंड वायु उपयोग करता है यदि दूषित वायु मानव शरीर में चली जाती है तो उसके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है एमपी सिंह ने कहा कि वाहनों से निकलने वाले धूआ से लगभग 3000000 लोग प्रतिवर्ष अस्थमा के शिकार हो जाते हैं वाहन से निकलने वाले धूआ से फेफड़े का कैंसर और ब्रोंकाइटिस भी हो सकता है इस कार्यशाला में सभी विषयों पर गहन चिंतन किया गया और उपयुक्त तरीकों को भी डॉ एमपी सिंह ने बताया  वाहनों की नियमित जांच कराना यातायात सुविधा को बेहतर बनाना सडक़ पर गड्ढों को भरना वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर प्रतिबंध लगाना जन जागरण हेतु कार्यशाला का आयोजन करना सीसा रहित पेट्रोल और डीजल का प्रयोग करना वाहनों में उत्प्रेरक प्रवर्तक ओं का प्रयोग करना पेट्रोल और डीजल में गंधक और एरोमेटिक की मात्रा कम करना वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण से बचाव के तरीकों को भी डॉ एमपी सिंह ने अपनी रिसर्च के आधार पर  बताया और कहा कि वाहनों में वांछित उच्चतस्तर ध्वनि को नियंत्रित  किया जाना चाहिए क्योंकि इससे कान के परदे  क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और सुनने की क्षमता सदा के लिए खत्म हो जाती है इससे हार्टबीट भी बढ़ जाती है और तनाव की स्थिति भी पैदा हो जाती है अधिकतर लड़ाई झगड़े भी सडक़ पर देखने को मिल जाते हैं इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य साधना चौधरी उप प्रधानाचार्य वेदपाल भ_ा तथा अन्य प्रवक्ता जैसे गीता सैनी गीता पूजा ममता ने जा सुनीता गिल कृष्णा देवी मनोज गौड़ आदि अध्यापक मुख्य रूप से उपस्थित थे इन प्रतियोगिता में सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया लेकिन कला प्रतियोगिता में 11वीं मोनिका फस्र्ट 11वीं सी  की तुलसी 11वीं सी से इशिका तृतीय रही तथा भाषण प्रतियोगिता में 11वीं विषय मोहम्मद तसलीम  प्रथम 11वीं बी की आशा रानी द्वितीय नवमी ए से राकेश तृतीय रहे इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वाहन प्रदूषण ऊपर एक नाटक भी प्रस्तुत किया।

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