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नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए अच्छी और बुरी आदतों पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन



फरीदाबाद ।  भारत संस्कार पब्लिक स्कूल में नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए अच्छी और बुरी आदतों पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री और दार्शनिक प्रोफेसर एमपी सिंह ने कहा की बचपन में अच्छी और बुरी आदतें उनके घरों में उनके माता-पिता भाई-बहन सगे संबंधी व साथियों के सानिध्य से ही आती है ।  परिवारी जन उन्हें जैसा बनाना चाहते हैं वैसा ही बन जाते हैं, इसलिए डॉ एमपी सिंह ने कहा की हमें अपने घरों का माहौल अच्छा और खुशनुमा रखना चाहिए।  हमें छोटी-छोटी  बातों पर भी गंभीरता से सोचना चाहिए ।  डॉ एम पी सिंह ने नन्हे मुन्ने देश के भविष्य से कहा की बड़ों की बिना अनुमति के कभी बाहर नहीं जाया करते और खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद हाथों को साफ करना चाहिए ।  धरती माता पर आसन लगाकर भोजन करना चाहिए ।  भोजन कभी किसी को दिखा कर नहीं करना चाहिए और समय पर ही भोजन करना चाहिए ।  डॉ एमपी सिंह ने कहा कि यदि किसी के कमरे में जाना हो तो दरवाजा अवश्य खटखटाना चाहिए, लेकिन बंद कमरे में किसी के साथ खेल नहीं खेलना चाहिए । खेल हमेशा प्ले ग्राउंड में ही खेला जाता है । यदि अकेले में कोई व्यक्ति छोटे बच्चों के साथ में किसी प्रकार का शारीरिक टच करता है तो उसकी मंशा खराब हो सकती है।  उसके लिए डॉ सिंह ने तितली का उदाहरण दिया तथा कुत्ते का भी उदाहरण दिया कि कुत्ते को जब कोई छेड़ता है तो वह भागता है और उसको कोई मारने की कोशिश करता है तो उसको काट खाता है ठीक इसी प्रकार से उन नन्हे मुन्ने बच्चों को बताया कि जब कोई गलत नियत से आपको छूता है बहला-फुसलाकर कुछ असभ्य और अश्लील हरकतें करता है तो पहले आप को चिल्लाना चाहिए ।  यदि उसे बात समझ नहीं आती है  तो उसे काट  लेना चाहिए ।  अनेकों गुड टच और बैड टच से संबंधित जानकारी भी डॉ सिंह ने दी।  डॉ एमपी सिंह ने कहा कि छींक आने पर हमेशा  मुंह पर रुमाल रख लेना चाहिए।  पानी को बेकार में बर्बाद नहीं करना चाहिए ।  अपना अधिक समय टेलीविजन देखने पर या मोबाइल चलाने पर नहीं खर्च करना चाहिए ।  आज का कार्य कभी भी कल पर नहीं छोड़ना चाहिए ।  माता पिता और गुरु का सम्मान करना चाहिए ।  गलत भाषा का कभी भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।   अनायास किसी पर हंसना नहीं चाहिए ।  जो जितना पूछता है उसका शालीनता से उतना ही जवाब देना चाहिए।   सुबह हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और शाम को 10:00 बजे सो जाना चाहिए ।  यदि आपने किसी से कोई चीज लेनी है तो कृपया का प्रयोग करें और बाद में धन्यवाद करना ना भूले ।  डॉ एमपी सिंह ने सफल होने के भी अनेकों प्रकार के टिप्स दिए और अपनी रक्षा सुरक्षा कैसे कर सकते हैं, उस पर भी विस्तृत जानकारी दी ।  इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन दुष्यंत सैनी ने डॉक्टर एम पी सिंह जी का फूल माला देकर स्वागत किया और धन्यवाद किया सभी अध्यापक और विद्यार्थियों ने बहुत ही तन्मयता से डॉ एमपी सिंह को सुना और आश्वस्त किया कि हम अपने आचरण में तथा व्यवहार में यह सभी बातें अवतरित करेंगे।

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